रिश्ता,
उम्मीदो के धागों मे सँजोया,
ख्वाबों को तेरे आँखों में बसाया,
मोहब्बत को तेरी दिल की धडकन बनाया,
तेरी हर चाहत को मैंने अपनी आदत बनाया,
दुआओं मे बस तुझे ही माँगा,
पलकों पे बिठाकर हर गम से बचाया,
तुझी ने मुझे हर दफा इस जमाने के समाने ,
बेवफा बताया । _jaya singh
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