तुम ( मेरे दिल में बसते हो तुम )
मेरे दिल की धड़कनों में बसते हो तुम , मेरे होठों के शब्दों में सजते हो तुम , मेरे होकर भी मुझ पर हस्ते हो तुम , फिर भी मेरे दिल में बसते हो तुम । - KRishna singh