उम्मीदें कई थी जिंदगी से

     उम्मीदें कई थी जिंदगी से,
   कई थे इरादे
     सहारा दिया कइयों ने , पर क्या भरोसा
             कौन कब कहाँ गिरादे ।

- KRishna singh

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